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DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Question Answer Kaki

DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Question Answer Kaki (काकी) are prepared by Hindi subject experts. With the help of these solutions for Class 7 Hindi Gyan Sagar Book, you can easily grasp basic concepts better and faster. Here at SOLUTIONGYAN, chapter 17 Kaki of Hindi book exercises provided at the end of the chapter will be a useful resource for DAV Class 7 students.

Here, we provide complete solutions of DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Kaki of Gyan Sagar Hindi Textbook. These exercise of Hindi chapter 17 contains 5 questions and the answers to them are provided in the DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Question Answer Kaki.

DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Question Answer Kaki
DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Kaki

Solutions of DAV Class 7 Hindi chapter 17 Kaki of Hindi is help to boost the writing skills of the students, along with their logical reasoning. Students of class 7 can go through Hindi Gyan Sagar chapter 17 solutions to learn an effective way of expressing their answer in the dav school Hindi exam.

DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Kaki Solutions

DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Kaki Solutions is given below. Here DAV Class 7 Hindi Gyan Sagar chapter 17 question answer is provided with detailed explanation.

Highlights

DAV Class 7 students are more likely to score good marks in Hindi exam if they practise DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Question Answer Kaki regularly.

DAV Class 7 Hindi Chapter 17 Question Answer

1. बड़े सवेरे उठते ही श्यामू ने क्या देखा?

उत्तर: बड़े सवेरे उठते ही श्यामू ने देखा कि घर में कुहराम मचा हुआ है। उसकी माँ एक कंबल पर भूमि-शयन कर रही है और उसके पूरे शरीर पर एक सफेद कपड़ा ढका हुआ है। उसके आस-पास सभी लोग रोना-धोना कर रहे हैं।

2. कौन-सी बात श्यामू से छिपी न रह सकी?

उत्तर: श्यामू से यह बात छिपी न रह सकी कि उसकी माँ मामा के घर नहीं बल्कि ऊपर राम के पास चली गई है।

3. पतंग उड़ती देखकर श्यामू का हृदय क्यों खिल उठा?

उत्तर: पतंग उड़ती देख श्यामू का हृदय खिल उठा क्योंकि उसे लगा कि मैं पतंग ऊपर आकाश में भेजूंगा जिसे पकड़कर मेरी माँ नीचे उतर आएगी।

4. श्यामू ने पतंग किससे और क्यों मँगवाई?

उत्तर: श्यामू ने पतंग सुखिया दासी के लड़के भोलू से मँगवाई ताकि वह उसे ऊपर आकाश में भेजकर अपनी काकी को नीचे उतार लेगा।

5. श्यामू को भोला ने मोटी रस्सी का सुझाव क्यों दिया?

उत्तर: श्यामू को भोला ने मोटी रस्सी का सुझाव दिया क्योंकि काकी पतली डोर पकड़ कर नीचे नहीं उतर पाएगी अगर मोटी रस्सी का प्रयोग किया जाए तो काकी आराम से नीचे उतर जाएगी।

6. उचित उत्तर पर सही का चिह्न लगाइए-

(क) गुरुजनों ने श्यामू को क्या विश्वास दिलाया?

उत्तर: काकी मामा के पास गई है।

(ख) पतंग के चिपके काग़ज़ पर क्या लिखा था?

उत्तर: काकी

(ग) श्यामू किसके लिए उत्कंठित था?

उत्तर: पतंग उड़ाने के लिए।

(घ) पहले दिन श्यामू ने पिता की जेब से कितने पैसे निकाले?

उत्तर: चवन्नी

7. नीचे दिए गए कथन किसने किससे कहे, लिखिए-

(क) काका, मुझे एक पतंग मँगा दो। अभी मँगा दो।

किसने कहा- श्यामू ने

किससे कहा- अपने पिता से

(ख) श्यामू भैया ने रस्सी और पतंग मँगाने के लिए निकाला था।

किसने कहा- भोलू ने

किससे कहा- श्यामू के पिता से

1. श्यामू ने पैसे क्यों चुराए थे?

उत्तर: श्यामू ने डोर, पतंग और रस्सी खरीदने के लिए पैसे चुराए थे।

2 विश्वेश्वर ने श्यामू को क्यों मारा?

उत्तर: विश्वेश्वर ने श्यामू को इसलिए मारा क्योंकि उसने उनकी कोट से पैसे चुराए थे।

3. भोला श्यामू से अधिक समझदार था। यह किस बात से पता चलता है?

उत्तर: भोला श्यामू से अधिक समझदार था, इस बात का पता उस समय चलता है जब भोला श्यामू को पतंग की डोर की जगह मोटी रस्सी का प्रयोग करने के लिए कहता है, जिससे काकी आराम से ऊपर से नीचे उतर जाएगी।

4. ‘मुखबिर’ का क्या मतलब है? कहानी में भोला को मुखबिर क्यों कहा गया है?

उत्तर: ‘मुखबिर’ का अर्थ है- जासूस या खबर देने वाला। कहानी में भोला को मुखबिर इसलिए कहा गया है क्योंकि उसने विश्वेश्वर के एक ही थप्पड़ से श्यामू के चोरी के बारे में सारी जानकारी दे दी।

1. पतंग पर काकी लिखा देख विश्वेश्वर हतबुद्धि होकर वहीं खड़े रह गए थे। आगे की कहानी के बारे में कल्पना कीजिए।

उत्तर: आगे की कहानी में विश्वेश्वर को अपनी गलती का एहसास हुआ होगा। उन्होंने अपने बेटे श्यामू को गले से लगा लिया होगा और फूट-फूटकर रोने लगे होंगे।

2. कल्पना कीजिए यदि श्यामू की चोरी न पकड़ी जाती और वह पतंग उड़ाने में सफल हो जाता तो क्या होता ?

उत्तर: यदि श्यामू की चोरी न पकड़ी जाती तो भी वह पतंग उड़ाने में सफल नहीं हो पाता क्योंकि उसने पतंग के लिए मोटी रस्सी खरीद ली थी जिससे पतंग को नहीं उड़ाया जा सकता। अगर वह पतली डोर से भी पतंग उड़ाता तो भी उसे निराशा ही हाथ लगती क्योंकि जो इस दुनिया को छोड़कर एक बार चला गया वह किसी भी कीमत पर लौट कर नहीं आता।

1. दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए।

काकी के लिए कई दिन लगातार रोते-रोते उसका रुदन तो धीरे-धीरे शांत हो गया परंतु शोक शांत न हो सका।

इस वाक्य में रोते-रोते तथा धीरे-धीरे के प्रयोग द्वारा यह बताया गया है कि रुवन क्रमश: शांत हो गया अर्थात् रुदन की प्रक्रिया धीमे होते-होते शांत हो गई।

अब इस तरह के वाक्य बनाइए जिनमें इन शब्दों का प्रयोग हो-

(क) खेलते-खेलते- बच्चे खेलते-खेलते कभी-कभी झगड़ा कर लेते हैं।

(ख) चलते-चलते- चलते-चलते मेरे पैर दुखने लगे।

(ग) खाते-खाते- आजकल खाते-खाते टी.वी. देखने का चलन हो गया है।

(घ) बनते-बनते- खाना बनते-बनते बहुत देर हो गई।

2. नीचे दिए गए शब्दों को शब्द-कोश के क्रम के अनुसार लिखिए तथा साथ ही उनके अर्थ लिखिए-

पतंग, अग्नि, भूमि, इच्छा, उपद्रव, हृदय, मृत्यु, अनमने, उत्कंठित, हतबुद्धि, विलाप, विघ्न।

शब्द         अर्थ

अग्नि-        आग

अनमना-    उदास

इच्छा-       चाहत

उत्कंठित-  व्याकुल

उपद्रव-      उत्पात

पतंग-        कनकोआ

भूमि-         ज़मीन

विघ्न-          बाधा

विलाप-       रोना

हतबुद्धि-      सन्न

1. मैं यह पतंग राम के यहाँ भेजूँ। इसे पकड़कर काकी नीचे उतरेगी। मैं लिखना नहीं जानता, नहीं तो इस पर उसका नाम लिख देता। कहानी में रस्सी के सहारे काकी को नीचे लाने की बात श्यामू के बाल मनोविज्ञान (भोलेपन) को उजागर करती है। क्या आपने भी भोलेपन में कुछ ऐसा किया है जिसे सोचकर आपके मन में आश्चर्य अफ़सोस या हँसी जैसे भाव उठते हैं?

उत्तर: हॉ, एक बार मैंने कक्षा तीन की वार्षिक परीक्षा में ज्यादा अंक पाने के लिए अपनी उत्तर पुस्तिका के अंत में “माता सरस्वती मुझे अच्छे अंकों से पास कर देना।” वाक्य लिख दिया था क्योंकि मेरा मानना था कि माता सरस्वती ही कॉपियाँ जाँचती है। पर बाद में सच्चाई का पता चलने पर मुझे अपने आप पर हँसी आने लगी।

2. श्यामू ने अपने पिता के कोट की जेब से दो बार पैसे चुराए ।

(क) क्या आप इसे चोरी /अपराध मानेंगे? क्यों?

उत्तर: मैं इसे न ही चोरी मानूँगा न ही अपराध क्योंकि पहले ही श्यामू ने अपने पिता से पतंग दिलवाने की बात कही थी परंतु जब उसके पिता ज्यादा विलंब करने लगे तो श्यामू ने पैसे चोरी किए। इसके अलावा पैसे चोरी करने का उद्देश्य भी कुछ गलत नहीं था।

(ख) आप ऐसी परिस्थिति में क्या करते?

उत्तर: मैं भी ऐसी परिस्थिति में वैसा ही करता जैसा श्यामू ने किया था।

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