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DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Question Answer Yatra Aur Yatree

DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Question Answer Yatra Aur Yatree (यात्रा और यात्री) are prepared by Hindi subject experts. With the help of these solutions for Class 6 Hindi Gyan Sagar Book, you can easily grasp basic concepts better and faster.

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DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Question Answer Yatra Aur Yatree
DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Yatra Aur Yatree

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DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Yatra Aur Yatree Solutions

DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Yatra Aur Yatree Solutions is given below. Here DAV Class 6 Hindi Gyan Sagar chapter 17 question answer is provided with detailed explanation.

Highlights

DAV Class 6 students are more likely to score good marks in Hindi exam if they practise DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Question Answer Yatra Aur Yatree regularly.

DAV Class 6 Hindi Chapter 17 Question Answer

1. कवि ने मुसाफ़िर किसे कहा है?

उत्तर: कवि ने मुसाफ़िर पृथ्वी के सभी प्राणियों को कहा है।

2. मुसाफ़िर को किस यात्रा पर चलना पड़ेगा?

उत्तर: मुसाफ़िर को अपनी जीवन यात्रा पर चलना पड़ेगा जिसमें उसे बहुत से कामों को अंजाम देना है।

3. ‘अचला’ पृथ्वी को ‘चंचला’ क्यों कहा गया है?

उत्तर: ‘अचला’ पृथ्वी को ‘चंचला’ कहा गया है क्योंकि पृथ्वी जबसे अपने अस्तित्व में आई है तबसे बिना एक क्षण भी रुके अपनी धुरी पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा कर रही।

4. ‘शक्तियाँ गति की तुझे’ पंक्ति में ‘तुझे’ सर्वनाम का प्रयोग किसके लिए हुआ है?

उत्तर: ‘शक्तियाँ गति की तुझे’ पंक्ति में ‘तुझे’ सर्वनाम का प्रयोग हम सभी प्राणियों के लिए किया गया है क्योंकि हम सभी सूर्य, चंद्र, ग्रहों और वायुमंडल से घिरे हुए हैं।

1. ‘साँस चलती है’-से कवि क्या कहना चाहता है?

उत्तर: ‘साँस चलती हैं’ से कवि यह कहना चाहता हैं कि जब तक हमारी साँसें चलती रहती हैं तब तक हमें अपने कर्म में लीन रहना होगा।

2. मनुष्य को चारों ओर से कौन घेरे हुए है?

उत्तर: मनुष्य को चारों ओर से प्राकृतिक शक्तियाँ जैसे सूर्य चंद्र, ग्रह और वायुमंडल घेरे हुए हैं।

3. ‘टलना पड़ेगा ही मुसाफ़िर, चलना पड़ेगा ही मुसाफ़िर’ इस वाक्य में ‘ही’ का प्रयोग कवि ने क्यों किया है?

उत्तर: ‘टलना पड़ेगा ही मुसाफ़िर, चलना पड़ेगा ही मुसाफ़िर’ इस वाक्य में ‘ही’ निपात का प्रयोग टलना पड़ेगा और चलना पड़ेगा पदों पर जोर देने के लिए हुआ है ताकि हम समझ जाएँ कि हमें अपने जीवन में एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर बढ़ना ही पड़ेगा।

1. कल्पना कीजिए कि यदि नदी बहना छोड़ दे और मनुष्य चलना छोड़ दे तो क्या होगा?

उत्तर: यदि नदी बहना छोड़ दे तो जल संकट पैदा हो जाएगा। पेय जल की कमी और जल प्रदूषण काफी बढ़ जाएगा और आम जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा। यदि मनुष्य चलना छोड़ दे तो वह मानसिक और शारीरिक रूप से पंगु हो जाएगा और अपनी अस्मिता सदा के लिए खो देगा।

2. कवि ने अपने तरीके से मनुष्य को कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया है। आप अपने मित्र को कार्य करने की प्रेरणा कैसे देंगे?

उत्तर: मैं अपने मित्र को वर्तमान समाज की आवश्यकताओं के बारे में बताऊँगा और उसे उदाहरण देते हुए यह कहूँगा कि आज समाज में उन्हीं लोगों की अहमियत होती है जो काम करते हैं। इसलिए तुम्हें भी काम अवश्य करना चाहिए और अपने कर्म से ही महान बनना चाहिए।

1. कविता ‘यात्रा और यात्री’ में से तीन संज्ञा शब्द छाँटकर लिखिए-

उत्तर: यात्री, साँस, मुसाफ़िर

2. नीचे दी गई पंक्तियों को उदाहरण की तरह लिखिए

उदाहरण- चल रहा आकाश भी है

शून्य में भ्रमता-भ्रमाता

आकाश भी शून्य में भ्रमता-प्रमाता चल रहा है।

(क) चल रहा है तारकों का

दल गगन में गीत गाता

उत्तर: तारकों का दल गगन में गीत गाता चल रहा है।

(ख) स्थान से अपने तुझे

टलना पड़ेगा ही मुसाफ़िर

उत्तर: मुसाफ़िर तुझे अपने स्थान से टलना ही पड़ेगा।

  • संसार में पृथ्वी, चाँद, तारे सभी नियमानुसार चलते हैं।

1. इससे आपको क्या प्रेरणा मिलती है?

उत्तर: इनसे मुझे यह प्रेरणा मिलती है कि हमें भी अपने जीवन में सदा कर्म करते रहना चाहिए।

2. जीवन में नियमों का पालन करने का क्या महत्त्व है?

उत्तर: जीवन में नियमों का पालन करने से हम अनुशासित बनते हैं। सामाजिक और प्राकृतिक नियमों के पालन से हमारा व्यक्तित्व निखरता है और हम अपने जीवन को सदा के लिए स्मरणीय बना लेते हैं।

3. प्रकृति का अनुसरण कर आप जीवन में क्या प्राप्त कर सकते है?

उत्तर: प्रकृति का अनुसरण कर हम अपने जीवन में निर्धारित किए गए लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते है जिससे हम अपने जीवन को शांत, मन को प्रसन्नचित और अपने विचारों को परोपयोगी बना सकते है।

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